"भ्रष्टाचार मुक्त" देश

कल मैने किसी से पूछा कि क्या भारत कभी "भ्रष्टाचार मुक्त"  देश बन सकता है ?
कभी नहीं !! ये उसका जवाब था । 
मैन पूछा आप ऐसा क्यों सोचते हैँ । हमारे पास अच्छी सरकार है।  सच्चे नेता हैं ।
उसने कहा :- किसी सरकारी आफिस में काम करने के लिए कोई नेता या मंत्री नही बैठा होता जो भ्रष्टाचार मिटा दे ।वहाँ तो वो लोग हैं जो पिछली सरकार में भी बैठे थे और अभी भी वही हैं । अगर काम आराम से भी हो सकता है तो भी उन्हें अपनी जेब गरम करने से मतलब होता है चाहे उनकी कमाई एक आम आदमी से 10 गुना ज्यादा ही क्यों न हो । 
लालच ही एक ऐसी चीज है जो आदमी को भ्रष्टाचारी बनाती है । आजकल कोई अपने से संतुष्ट नही है । हर कोई दूसरे से आगे निकलने की होड़ में भ्रष्टाचार कर रहा है । मंत्री या नेता क्या कर लेगा जब उनके शागिर्द ही ऐसे हों । 
उस आदमी की ये बात सुनकर ऐसा लग कि क्या भारत की हालत ऐसी हो गयी है कि एक आम आदमी को सरकार के ऊपर भरोसा ही नही रहा । 
फिर मैंने एक सरकारी दफ्तर में काम करने वाले एक कर्मचारी से यही बात पूछी की क्या भारत कभी भ्रष्टाचार मुक्त देश बन सकता है ? और लोग यह भी कहते है कि आप लोग हर काम के लिए अलग से पैसे लेते हैं ? क्या ये सही है ?
उसका जवाब सुनकर मेरे होश उड़ गए और मुझे भ्रष्टाचार के पीछे की असलियत का ज्ञान हुआ । 
उसने कहा - मानता हूं कि मेरे जैसे कुछ लोग भ्रष्टाचार करते हैं । लोगों में ज्यादा पाने की इच्छा ही उसे भ्रष्टाचार करने में मजबूत करती है । 
वैसे जो लोग काम करवाने आते हैं उनके दिमाग मे बस यही ख्याल बस गया है कि हम बिना पैसे लिए कुछ करते नही इसलिए आने से पहले ही पैसे दिख देते हैं . अब आप ही बताओ पैसे जैसी चीज को देखकर किसका ईमान नही डोलता होगा । अगर मेरे जैसे कुछ लोगों ने पैसे लेने से मना भी कर दिया तो वो यह सोचते है कि हम शायद ज्यादा पैसे मांग रहे हैं  इसलिए वो टेबल के नीचे वाली तरकीब अपनाते है।  
सब सोच का खेल है ।
इस व्यक्ति का यह जवाब सुनकर मुझे असलियत समझ आया । 
असलियत में भ्रष्टाचार कुछ नही बस एक बुरी सोच है और बस एक नकारात्मक ख्याल है जो केवल कुछ  लोगों की उपज है जो उनके जैसे बाकी लोगों को कौवों के बीच का हंस बनाता है । 
केवल कुछ लोगों की वजह से ये सोच बन गयी है कि लोग बिना पैसे लिए कुछ नही करेंगे इसलिए काम बताने से पहले ही पैसे दिख देते है और जो लोग काम करते हैं वो पहले ही मन मे ये सोच लेते है कि ये आदमी तो पक्का पैसे देगा इसलिए काम करने से पहले पैसों की पहल कर देते है । 
तो बस , भ्रष्टाचार है  एक नकारात्मक सोच जो भ्रष्टाचारी बना देती है। 
अब आते है इस सोच पर की "मेरा सपना - भ्रष्टाचार मुक्त भारत" 
कौन नही चाहता की वो ऐसे समाज में रहे जहां उसे किसी काम के लिए पैसे न देना पड़े (गलत रूप से) . मैं भी यही चाहता हूं ।
मैं चाहता हूँ कि मुझे अपनी पढ़ाई के लिए किसी को गलत रूप से पैसे न खिलाना पड़े, किसी काम के लिए तरक्की और मेरे ज्ञान के आधार पर ही मेरा काम हो जाये न कि मेरे पैसे और मेरे जान पहचान के आधार पर । 
मैं भी चाहता हूँ कि मेरे परिवार में किसी को भी किसी काम के लिए बिना परेशानी और बिना किसी को पैसे खिलाये काम हो जाये । और सब यही चाहते है । 
भारत एक उभरते हुए अर्थव्यवस्था के रूप में उजागर हो रहा है । आज हमे हर कोई जानता है पर सिर्फ़ एक दाग "भ्रष्टाचार" के कारण उस महानता में दाग लगे ये कोई नही चाहता । मैं तो बिल्कुल भी नही और एक सच्चा भारतीय भी नही।
अन्ना हजारे , अरबिंद केजरीवाल और नरेंद्र मोदी जैसे बड़े बड़े लोगों को क्या जरूरत है भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का । इतनी बड़े औदे पे रहकर वो आराम से अपनी जिंदगी जो सकते है पर क्यों वो परेशानी झेल रहे है। 
क्योंकि वो भी भारत को एक ऐसा देश बनाना चाहते हैं जहां हर कोई बिना बेईमानी के अपना काम कर और करवा सकें । 
ताकि भारत एक अच्छी अर्थव्यवस्था के साथ साथ भ्रष्टाचार मुक्त देश भी कहलाये । 
ताकि हम भी दूसरे देशों के सामने उदाहरण बन कर खड़े हों ।
ताकि हम भी कह सके कि हम भ्रष्टाचार मुक्त देश मे रहते है ।
तो सवाल यह उठता है कि आखिर भारत को भ्रष्टाचार मुक्त कैसे बनायें ?
सबसे पहले पहल हमें ही करनी होगी । भारत से पहले हमें खुद को भ्रष्टाचार मुक्त करना होगा । केवल सपथ लेने से नही होता उसको जीवन के अपनाना पड़ेगा । उसके तहे दिल से स्वीकार करना पड़ेगा और उस आदत को बनाये रखना होगा । 
सरकार तो कई कानून बना देगी पर कानून बनाने के बाद उस कानून को सही रूप से स्वीकार करके उसे अपनाना सबसे महत्वपूर्ण है । 
घर मे सबको सिखाओ , विद्यालय , आफिस , दोस्तो के बीच सब जगह जागरूकता फैलाना होगा । 
सबको भ्रष्टाचार के नुकसान से अवगत कराना होगा और भ्रष्टाचार न करने के फायदे बताने होंगे ।
भ्रष्टाचार बढ़ता है क्योंकि हम इसे हवा देते हैं । भ्रष्टाचार के बीच मे दीवार बनकर खड़े हो जाओ तो इसे भी अंग्रेजों की तरह जड़ से खत्म किया जा सकता है । आजतक भारत ने  ऐसे ऐसे दुश्मनो को हराया है तो यह भ्रष्टाचार की क्या औकात जो हमारे सामने टिक जाए । 
जरूरत है तो बस एक पहल की , जो शुरू होती है आप से  ।

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