ऐसी घटिया सोच को सलाम !!
1. वो कहते हैं की देश का विकास नहीं हो रहा। तो हमने कहा कि देश का विकास तो तभी होना न जब आप समय पर टैक्स दोगे। फिर जो उन्होंने मुँह फेरा की कहीं आस पास दिखाई नहीं दिए। और यह बदलाव की बातें करते हैं। 2. यह वही लोग हैं जो दीवार में कुत्तों की तरह मूतते हैं और अपने ही घर के बाहर पान चबाकर थूकते हैं फिर कहते हैं की इस देश में स्वस्छता नहीं रही। स्वस्छ भारत अभियान फेल हो गया। कोई अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाता इसके प्रति। और यह बदलाव की बात करते हैं। 3. बस में बैठे हैं। बगल में एक बूढी महिला सीट न होने पर उस व्यक्ति से सीट देने के लिए कह रही है पर यह हैं कि अपनी ही धून में अकड़ के बैठे हैं। पर बस में सीट की समस्या इनको तभी समझ में आती है जब खुद की माँ या बहन को कोई कहने पर भी सीट नहीं देता। और यह बदलाव की बात करते हैं। दूसरों के साथ भी वैसा व्यवहार करो जैसा तुम दूसरों से अपने लिए चाहते हो। 4. पहले उस पार्टी का गुड़गान करते नहीं थकते थे। चुनाव में उसी पार्टी को वोट भी दिया। पर जब उसी पार्टी ने धोका दिया तो कहते हैं की आजकल कोई भरोसे के लायक नहीं रहा। हमने कहा :- जब तुम्हे पहले से ही...