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Showing posts from January, 2018

हैरान करने वाले कुछ तथ्य !!

आज इंटरनेट में कुछ ऐसे अजीबो-गरीब तथ्य मिले जिसे पढ़कर आप भी हैरान हो जाएंगे। कुछ पसंदीदा 10  तथ्य निचे दिए गए हैं। आशा है आपको पसंद आएंगे। १.  बिल्ली का मूत्र काले लाइट की उपस्थिति में चमकती है!! २. अपने जीवनकाल में आप इतना लार उत्पन्न करते हैं जिससे २ Swimming पूल भर सकते हैं !! ३. 6 वस्तुएं जिनको खाने से आपके पादने की संभावना बढ़ जाती है : - Beans , Bell Peppers , Cauliflower , Cabbage , Corn & Milk !! ४. ज्यादातर हार्ट अटैक आने की संभावना सोमवार को होती है !! ५. एक मगरमच्छ कभी भी अपनी जीभ बाहर नहीं निकाल सकता !! ६. Twitter में प्रयोग होने वाले पक्षी का नाम "Larry" है !! ७. पक्षी कभी मूत्र विषर्जन नहीं करते !! ८. हमारे उंगलियों की तरह ही हमारी जीभ की भी अलग प्रिंट होती है !! ९. एक गिलहरी का सामान्य जीवन नौ वर्ष का होता है !! १०. देखने में कुत्तों की नज़र आदमियों से तेज होतो है पर उतनी रंगीन नहीं क्यूंकि कुत्ते रंगों की पहचान ठीक से नहीं कर पाते !! .. तथ्यों की सत्यता के लिए और अधिक अनुसन्धान करें।

हिंदी का हाल !!

हिंदी भाषा ! हमारी मातृभाषा ! पर क्या हम हिंदी को उतना महत्वा देते हैं जितनी इंग्लिश या अन्य भाषाओं को देते हैं। हिंदी की हालत आजकल उन बाघों जैसी हो गयी हैं जिनका एक समय रौब था , शान थी पर आज वही ख़त्म होने की कगार पर है। आज किसी को भी देख लो इंग्लिश में बोलता फिरता है। हिंदी तो सिर्फ नाम के लिए ही रह गयी है। मतलब अगर आजकल किसी को इंग्लिश बोलनी आती है तो वो समझदार कहलाने लगता है चाहे वो कितना भी मूढ़ क्यों न हो पर अगर कहीं हमने हिंदी में दो  बोल क्या बोल दिए लोग तो हमे गवाँर समझने लगे।  आजकल लोगों को किसी दूसरे के सामने हिंदी में बोलने में शर्म आती है। कोई अगर इंग्लिश में बोल रहा हो तो उसके सामने इंग्लिश बोलने की कोशिश करेंगे चाहे इंग्लिश आती भी न हो।  क्यों ? क्यूंकि हमे अपनी मातृभाषा बोलने में शर्म आती है , घिन आती हैं की हम  ये कौन सी भाषा बोल रहें हैं। आज माँ Mom हो गयी , पिता जी Dad हो गए। हिंदी के हर नाम का महत्वा इंग्लिश के शब्द आने से समाप्त हो गया। एक घटना का जिक्र करना चाहूंगा :- मैं एक कंप्यूटर की दुकान में गया , कुछ विश्ववि...

इसमें वो पुरानी बात नहीं रही !!!!

बहुत बार लोगों को कहते सुना है आजकल की चीजों में वो बात नहीं रही जो पहले हुआ करती थी। १. बारिश हुई और अगर पकोड़े और चाय न मिले तो कहेंगे की आजकल की बारिश में वो पहले वाली बात नहीं रही। खुद बनाने में तो जान निकल जाती है और बेचारी बारिश को दोष दे रहे हैं। २. मैथ्स के सवाल कर रहे हैं , जवाब नहीं आ रहा तो कहेंगे आजकल के सवालों में वो पहले वाली बात नहीं रही, जैसे की पहले वो सवाल हल कर लेते। ३. What's App प्रयोग कर रहे हैं और कहते है की इसमें पहले जैसी चिट्ठी वाली बात नहीं रही।  अरे , तुम्हे रोका किसने है चिट्ठी भेजने के लिए , बेकार में अपनी खींज दूसरी चीजों पे निकालते रहते हो । ४. दिल्ली में रहकर प्रकृति का अहसास लेना चाहते हैं और कहेंगे की अब दिल्ली में वो पहले जैसी प्राकृतिक सुंदरता नहीं रही।  अब इन्हे कौन समझाए की मानव ने ही अपनी सुख सुविधाओं के लिए अपनी प्रकृति को दिल्ली जैसी प्रदूषित क्षेत्र में बदला है। ५. अपने बच्चो से कहेंगे की तुम्हारे समय में हम 90 - 90 % अंक लाते थे चाहे खुद 33% से ही क्यूँ न पास हुए हों , फिर वही कहेंगे की आजकल के बच्चो में वो पहले वाली बात ...

हाय! यह दर्द !!!!

कईं बार आपके साथ ऐसे कईं हादसे हुए होंगे जो आपके रुचि के अनुकूल नहीं होते और जो आपको बहुत  कष्ट देते हैं। आज हम आपको बतायेंगे ऐसे ही कुछ तथ्य जिसे आप अपनी जिंदगी में होने देना नहीं चाहते या जो आपको बहुत दर्द देते हैं। चिंता मत करिये , यह केवल एक मनोरंजक लेख है , आप बोर नहीं होएंगे। १. कभी बहुत तेज पेशाब आया हो और उसके भी ऊपर किसी ने आपके मूत्राशय में हाथ रख दिया या आपकी टाइट पेण्ट की वजह से वहाँ  पर प्रेशर पड़ा हो , कसम से इतना दर्द होता है की लगता है बस अब यहीं निकल जायेगी। २. नाखून के पिछले हिस्से से कभी एक छोटा सा चमड़ा निकला  है कभी ? जो जलन अनुभव होता है वो मैं  कभी नहीं भूल सकता। ३. उंगली के नाखून में पिन घुसी है कभी ? जान निकल जाती हैं और तो और यह दर्द २-३ हफ्ते तक चैन से रहने नहीं देता। ४. अब कुछ अलग , केवल लड़के इस बात को समझ सकते हैं की जब पेण्ट की चेन खोलते समय ज़िप में नुन्नू फँस जाए।  रूह कांप जाती है रे बाबा। और कभी खेलते समय वहां पर बॉल लगी है।  ओ.... हो.... हो.... ५. अगर पेट दर्द हो , दस्त लग रहे हों , उसी समय अग...

दिखावा करने वालो की अनोखी दुनिया !!

आज तक मुझे बहुत तरह के लोग मिले , कुछ अच्छे , कुछ बुरे , कुछ दिलचस्प और कुछ बहुत बोरिंग पर सबसे ज्यादा वो लोग मिले जिन्हे दिखावे की जिंदगी जीने में बहुत मजा आता है . ऐसे लोगों की दिखावा करने की आदत इतनी गन्दी होतो है की कभी कभी अगर वो सच भी कहते हैं तो लगता है की झूठ बोल रहे होंगे . और हाँ ऐसे लोग होते भी बहुत रोमांचक हैं। आप भी कईं  बार  ऐसे लोगों से मिले होंगे।  चलिए अपने कुछ ऐसे ही मजेदार किस्से बताता हूँ . १. दिखावा करने वाले सबको बताते फिरेंगे की मैंने यह चीज  विदेश से खरीदी है वो भी बहुत महंगी , बाद में थोड़ी तफ्तीश करो तो पता चला की यह सामान तो बुध बाजार में 500 Rs में चार चार मिलते हैं। २. सबसे कहते है की हम तो कभी भी बाजार की चीजें नहीं खाते , ऐसी चीजें बहुत नुकसानदेह होती हैं पर बाद में वही लोग गली के नुक्कड़ में पानीपूरी वाले से एक्स्ट्रा पानी के लिए लड़ते हुए दिखते  हैं। ३. बच्चे भी इस मामले में कम नहीं होते , महंगी महंगी चीज ला कर कहेंगे की मेरे पापा ने स्पेशल फॉरेन से आर्डर करवाकर मंगवाया है पर सच्चाई यो तब निकलती ह...

ज्यादा और तेज बोलने वाले लोगों को समर्पित!!

कुछ लोगों की ज्यादा बोलने की आदत इतनी गन्दी होती है की कभी कभी मन करता है कि उनके होटों को फेवीक्विक से चिपका दूँ . १. वो किसी के भी बीच में घुस जाएंगे और तेज तेज और इतना ज्यादा बोलेंगे की उनको पता ही नहीं चलता की सुनने वाले आदमी तो कब के भाग गए. २. जब वो बोलते है तो चाहते है की सब उनको सुनें पर जब अगर सामने वाला कोई बोले तो ऐसी शकल बना लेंगे जैसे अभी परमाणु धमाका कर देंगे. ३. अगर कोई गलती से कह दे की आप कुछ ज्यादा ही बोलते हो , थोड़ा काम बोला करो तो फिर तुम्हे २ घंटे का लम्बा भाषण देंगे , तुम्हे खरी खोटी सुनाएंगे , गाली देंगे , एक समय ऐसा आएगा जब सुन सुन के तुम्हारे कानों से रक्त की धारा बहने लगेगी . ४. ऐसे लोगों से बोलने के बाद कभी कभी तुम्हे अफ़सोस होता है की आखिर में बोला  क्यों इससे . ५. अगर तुम ऑफिस में हो, उसी समय में अगर ऐसा व्यक्ति बोलता है तो लगता है जैसे किसी ने तुम्हारे कान में लाउडस्पीकर बजा दिया हो . ६. हद्द तो तब हो जाती है जड़ ज़्यादा बोलने वाला आदमी तुम्हारे से बड़ा हो, फिर तो तुम्हे न चाहते हुए भी सुनना पड़ेगा नहीं तो वो तुम्हारे चरित्र की ऐसी धजिआ उड़ाए...

लोग तो कुछ भी बोलेंगे !

किसी ने कहा कि अमीर होने और ज्यादा पैसे आने से आदमी की नियत और व्यवहार बदल जाती  है। किसी ने हमारे बारे में भी यही कहा हुआ हमने सुन लिया । फिर मैंने मन ही मन मे सोचा :- 1. क्यों मैं  आज भी बडों से मिलते समय उनके पैर छूता हूँ ? 2. क्यों मैं आज भी अपने से छोटे बच्चों और व्यक्तियों से मिलता हूं तो प्यार से बात करता हूँ? 3. क्यों मैं आज भी गरीबों और लाचारों की मदद करता हूँ ? 4. क्यों मैं  आज भी बस में Non-Reserved सीटों को भी महिलाओं और बच्चों के लिए खाली कर देता हूँ ? 5. क्यों मैं आज भी रात को 12 बजे भी कोई फ़ोन करे तो बिना सोचे समझे उनकी मदद के लिए पहूँच जाता हूँ ? 6. क्यों मैं इतना पैसा होने पर भी अकड़ के बात नही करता ? 7. क्यों मै आज भी अपने बच्चों को धार्मिक कथाएँ, जातक शिक्षा और सामाजिक ज्ञान जैसी ज्ञानवर्धक और  अपनी जड़ों से जुड़ा ज्ञान देना चाहता हूँ? 8. क्यों मैं खाली समय मे पार्टी न करके अपने लोगों से मिलना चाहता हूँ ? अगर ज्यादा पैसे आने से यह सब बदलाव आते हैं तो आने दो । लोगों की तो आदत है कहना। किसी को आपके किये हुए 100 अच्छे काम नही ...

यह पोस्ट पढ़कर बस गाली मत देना !!

सबसे सुखद अनुभाव जब तुम किसी के ऊपर गुस्से से लाल हो रहे हो , तो वो है "गाली देना"। सुनने में अजीब लगे पर जब तुम्हे गुस्सा आता है तो तुम गाली पक्का देते हो चाहे मन में ही क्यों न हो । हम भारतीय इसमें तो काफी आगे हैं ।  सबसे बड़ी बात , वो लोग जो गाली देकर अपना मुंह गंदा नही करना चाहते वो "कुत्ता" या "*तिया" कहकर अपना दिल बहला लेते हैं । कम  से काम उन्हें ये तसल्ली तो हो जाती है कि उन्होंने गाली नही दी। क्योंकि कुछ विद्वान लोगों के अनुसार ये दोनों गाली नही होती। इन्हें कहते हैं महान आत्मा।  गाड़ी चला रहे हो , किसी ने साइड से ओवरटेक कर दिया तो ऐसी ऐसी गाली हम देते हैं जिसे सुनकर कभी कभी हमे भी शक होता है कि आखिर मैने यह गालियाँ कहाँ से सीखीं ।  बॉस ने डांट दिया , अब गाली देने का मन है पर बॉस ने सुन लिया तो फिर खैर नही । इसलिए बाथरूम में जाकर गालियां निकालते हो । पर सिलसिला एहीं खत्म नही होता । फिर जब जब बॉस का चेहरा दिखता है तब तब गाली तो तुम देते ही हो पर मन मन मे । इतना ही नही स्कूल में अगर Examinar ने चीटिंग करते हुए पकड़ लिया तो फिर मन में ...

तब और अब !!

हमारे दादा -दादी, नाना-नानी , माता-पिता कहते हैं:- 1. कि वो सुबह सुबह 4 बजे उठ जाते थे । 2. सरदियों में भी ठंडे ठंडे पानी से नहाकर स्कूल जाते थे । 3. खाली समय में मोबाइल तो होता नही था इसलिए गप्पे मारकर, मैदान में खेलकर समय गुजारते थे। 4. कभी भी किसी से लड़ाई नही करते थे । 5. स्कूल से घर आते ही सबसे पहले गृह कार्ये समाप्त कर लेते थे फिर खेलने जाते थे। 6. परीक्षा के समय खेलना कूदना बंद करके एक महीने पहले से ही पुनराभ्यास करते थे । 7. छुट्टियों में माता-पिता के साथ मेले में घूमने जाते थे । 8. भाई बहनों से मिलजूल कर रहते थे , कभी झगड़ा नही करते थे । हर चीज मिल बाट कर प्रयोग करते थे । 9. माता पिता के काम मे भी मदद करते थे । 10. समय पर जागते, समय पर सोते और हर काम समय पर पूरा कर लेते थे । और अब आज के बच्चों का हाल सुनिए:- 1. कभी भी दोपहर 12 बजे से पहले उठाने का मन करता नही चाहे स्कूल में मैथ्स का ही एग्जाम क्यों न हो । जबरदस्ती उठा भी दिया गया तो चेहरा ऐसा होता है मानों Zombie बन गए हों और अब सबको काटते फिरेंगे । 2. सुबह सुबह नहाना तो दूर की बात , मुँह भी दो लिया तो ऐसा ...

खुद को कर बुलंद !!

कभी कभी किसी का तुम्हारे प्रति जरूरत से ज्यादा Overprotective और Caring होना आपको उसके प्रति पूरी तरह Dependent बना देता है।   इसलिए अपने आप को इतना बजबूत बनाओ की कभी भी किसी काम के लिए तुम्हे दूसरों की मदद न लेनी पड़े, क्योंकि वो जो तुम्हारी इतनी Care करता है वो हमेशा तुम्हारे साथ नही रह सकता । एक न एक दिन सबको जाना होता है ।  फिर उस समय तुम समझते हो कि अपने आप को संभाल लोगे तो यह तुम्हारी गलतफहमी है। तुम टूट जाओगे, तुम्हे समझ नही आएगा की अब करना क्या है  इसलिए पहले से ही अपने आपको मजबूत बनाना शुरू करो, क्या पता अगला पल तुम्हारे लिए क्या लेकर आये।  एक कहावत तो जरूर सुनी होगी :- झुंड में तो गीदड़ आते हैं, शेर तो अकेले शिकार करता है ।  तुम भी कुछ ऐसे ही बनने की  कोशिश करो। और हाँ, ऐसा भी नही है कि अपने आप को समाज से बिल्कुल अलग कर लो । नही, बिल्कुल नही । समाज मे रहो, सुख - दुख में दूसरों के साथी बनो । पर साथ मे अपने आप को इतना तैयार कर लो कि कभी किसी की मदद न मिलने पर तुम अपने आप की मदद खुद कर सको ।