तब और अब !!
हमारे दादा-दादी, नाना-नानी , माता-पिता कहते हैं:-
1. कि वो सुबह सुबह 4 बजे उठ जाते थे ।
2. सरदियों में भी ठंडे ठंडे पानी से नहाकर स्कूल जाते थे ।
3. खाली समय में मोबाइल तो होता नही था इसलिए गप्पे मारकर, मैदान में खेलकर समय गुजारते थे।
4. कभी भी किसी से लड़ाई नही करते थे ।
5. स्कूल से घर आते ही सबसे पहले गृह कार्ये समाप्त कर लेते थे फिर खेलने जाते थे।
6. परीक्षा के समय खेलना कूदना बंद करके एक महीने पहले से ही पुनराभ्यास करते थे ।
7. छुट्टियों में माता-पिता के साथ मेले में घूमने जाते थे ।
8. भाई बहनों से मिलजूल कर रहते थे , कभी झगड़ा नही करते थे । हर चीज मिल बाट कर प्रयोग करते थे ।
9. माता पिता के काम मे भी मदद करते थे ।
10. समय पर जागते, समय पर सोते और हर काम समय पर पूरा कर लेते थे ।
और अब आज के बच्चों का हाल सुनिए:-
1. कभी भी दोपहर 12 बजे से पहले उठाने का मन करता नही चाहे स्कूल में मैथ्स का ही एग्जाम क्यों न हो ।
जबरदस्ती उठा भी दिया गया तो चेहरा ऐसा होता है मानों Zombie बन गए हों और अब सबको काटते फिरेंगे ।
2. सुबह सुबह नहाना तो दूर की बात , मुँह भी दो लिया तो ऐसा लगता है जैसे गंगा स्नान कर लिया हो ।
सरदियों में तो क्या कहना, पूरे महीने नहाते नही अंत मे जब घर मे बदबू की मात्रा बढ़ने लगती है तो माता पिता जबरदस्तीे बांधकर नहलाते हैं । फिर जो बच्चे का चेहरा होता है वो देखते ही बनता है । ना नहाने से जो गंदगी के कारण 50 किलो का बच्चा नहाने के बाद 40 किलो रह जाता है।
3. खाली समय तो मानो इतना होता है इनके पास की बस समझ लो कि समय का पहिया रुक गया हो ।
दिन भर मोबाइल में पता नही क्या क्या करते रहते हैं । कभी कभी बच्चे के हाथ मे मोबाइल नहीं दिखा तो माता पिता को फिकर होने लग जाती है कि कही हमारे बच्चे में कोई आत्मा का साया तो नही चढ़ गया ।
4. लड़ाई का तो पूछो मत । अगर किसी से थोड़ी सी भी गलती हो गयी तो सोच लो कि अब उसकी खौर नही । अगर माता पिता थोड़ी देर के लिए भी घर से बाहर गए तो उनके वापस आने पर घर मे WWE को घर का मैदान बना दिया जाता है। सबसे बड़ी बात, भाई भाई की लड़ाई हो गयी तो मानो एक कि बहूत बुरी तरह लगने वाली है ।
5. स्कूल से आते ही Homework का किसी को याद नही रहता । Homework तो सिर्फ अगले दिन स्कूल में टीचर के चेकिंग के दौरान याद आती है। स्कूल से आते ही पेट पूजा करके खेलने जाते है ट्यूशन में जो पढ़ाया वो भी किसी को पता नही होता । Syllabus का पता भी सिर्फ Exams से 2 दिन पहले पता चलता है ।
6. परीक्षा के 2 दिन पहले पता चलता है कि Syllabus में क्या है । पूरे साल मौज मस्ती और Exams के समय मे दुनिया भर के भगवान याद आ जाते है । हर कोई किसी न किसी तरह भगवान और Examiner को खुश करना चाहता है ताकि किसी तरह जुगाड़ निकल जाए ।
7. इनके लिए तो पूरे साल छुट्टियाँ ही होती है। जब कभी स्कूल की भी छुट्टियां चलती है तो माता पिता के साथ घूमना छोड़कर दोस्त याद आते हैं। फिर सुबह सुबह जो कभी 12 बजे जागते थे वो भी छुट्टियों के समय मे 4 बजे उठकर दोस्तो के साथ भाग जाते है और आने का ठिकाना होता ही नही । कभी कभी तो पुलिस में FIR दर्ज करवाना पड़ता है कि मेरा बेटा 4 दिन से लापता है ।
8. भाई बहन से लड़ाई के मामले में ये किसी से पीछे कभी नही रहते। यहाँ तक कि लड़ाई के चक्कर मे घर के 1 TV का रिमोट भी 2 टुकड़ों में मिलता है ।
9. ये अपना काम तो कभी कर नही पाते , माता पिता की क्या खाक मदद करेंगे ।
10. समय, एक ऐसी बला जिसका इनको याद कभी कभार ही आता है वो भी Exams के टाइम में वो भी जब समय निकाल जाता है। कोई काम समय पर पूरा होता नही । इसी बात में एक चुटकुला पेश करता हूँ:-
पहला दोस्त :- यार तू उदास क्यों है । और पार्क में बैठकर समय क्यों बर्बाद कर रहा है। चल कल Exams हैं , पढ़ते हैं ।
दूसरा दोस्त:- पहले समय ने मुझे बर्बाद किया, अब में समय को बर्बाद कर के रख दूंगा।
धन्यावाद
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