ज्यादा और तेज बोलने वाले लोगों को समर्पित!!
कुछ लोगों की ज्यादा बोलने की आदत इतनी गन्दी होती है की कभी कभी मन करता है कि उनके होटों को फेवीक्विक से चिपका दूँ .
१. वो किसी के भी बीच में घुस जाएंगे और तेज तेज और इतना ज्यादा बोलेंगे की उनको पता ही नहीं चलता की सुनने वाले आदमी तो कब के भाग गए.
२. जब वो बोलते है तो चाहते है की सब उनको सुनें पर जब अगर सामने वाला कोई बोले तो ऐसी शकल बना लेंगे जैसे अभी परमाणु धमाका कर देंगे.
३. अगर कोई गलती से कह दे की आप कुछ ज्यादा ही बोलते हो , थोड़ा काम बोला करो तो फिर तुम्हे २ घंटे का लम्बा भाषण देंगे , तुम्हे खरी खोटी सुनाएंगे , गाली देंगे , एक समय ऐसा आएगा जब सुन सुन के तुम्हारे कानों से रक्त की धारा बहने लगेगी .
४. ऐसे लोगों से बोलने के बाद कभी कभी तुम्हे अफ़सोस होता है की आखिर में बोला क्यों इससे .
५. अगर तुम ऑफिस में हो, उसी समय में अगर ऐसा व्यक्ति बोलता है तो लगता है जैसे किसी ने तुम्हारे कान में लाउडस्पीकर बजा दिया हो .
६. हद्द तो तब हो जाती है जड़ ज़्यादा बोलने वाला आदमी तुम्हारे से बड़ा हो, फिर तो तुम्हे न चाहते हुए भी सुनना पड़ेगा नहीं तो वो तुम्हारे चरित्र की ऐसी धजिआ उड़ाएंगे की तुम शर्म से लाल लाल हो जाओगे . इतने में भी उनका मन नहीं भरता तो हमारे इज्जत के पर्चे रिश्तेदारों के बीच में बाँट देते हैं .
७. अगर ऐसे व्यक्ति के सामने किसी ने ज्यादा या तेज बोल दिया तो ऐसे दो व्यक्तियों के बीच में जो बम फटता है जिसके चंजुल में आसपास के क्षेत्र के सभी महानुभाव आ जाते हैं ।
८. हमारे टीचर कहते थे की ज्यादा बोलने से ऊर्जा कम हो जाती है पर ज्यादा बोलने वाले लोगों को देखकर कभी कभी शक होता है की क्या हमारे टीचर सही कहते थे ? ज्यादा बोलने वाले लोगों को देखकर ऐसा लगता है जैसे मानो हर रोज सुबह सुबह पूरी शिलाजीत की डिब्बी ख़तम करके आते होंगे.
९. उन जगहों में जहाँ सच में कोई ऐसे ज्यादा बोलने वाले की जरूरत होती है वहां पर ऐसे लोग ऐसे शांत रहते हैं जैसे सांप सूंघ गया हो .
१०. समझदार आदमी ऐसे लोगों के चंगुल में फसने से दूर ही रहता है .
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