Her Memories - उनकी यादें ! (Poem)
* अक्षरों को सोचा किसी माध्यम में
गढ़ दूं!
अपने अंतरतम को किसी साँचे में
मढ़ दूं!
* शायद नियती में यही लिखी थी
उसे भी एक दिन जाना पड़ा
जिसके साथ मैंने अपनी वृद्धावस्था देखी थी।
* हर बहती अश्रु में अब बस उसी की
यादों का फसाना है
आँसु भी अब उसकी यादों को
जिंदा रखने का एक बहाना है।
* जो कल एक हिस्सा थी
जिससे सात जन्मों का अनुबंध रचा था,
आज वो बस एक किस्सा है।
* सुगंध के बिना अब
इस चन्दन का क्या महत्व है
केवल एक आम काया है,
ऊपर के संसार के कटु और मर्मभेदी
शब्दों के वारों का साया है।
* ईश्वर में मांगी एक दुआ मैंने
किसी तरह मिला दे उसे,
चाहे ख्वाब में हो या यादों में
या बुला ले ऊपर ही मुझे।
या ऊपर ही बुला ले मुझे।।
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