Beautiful Hindi Shayari (2nd Edition) || Best Hindi Love Shayari Online
1. दोष उन नेत्रों को क्यों दें जिन्हे तुम्हारी सुंदरता भाई
दोष उस ह्रदय को क्यों दें जो तुम्हे देख धड़क उठा
दोष उस भाग्य का क्या जिसमे तुम लिखी थी
अंत में केवल एक मष्तिष्क ने साथ निभाया
बनावटी था यह बंधन, चलो किसी ने तो भान कराया

2. प्रेम: काया और ह्रदय छाया का खेल नहीं
मष्तिष्क के भी परीक्षा का समय है,
अनुत्तीर्ण हुआ जो डूबना उसे लिखित है
उत्तीर्ण जो हुआ उसे प्रेम के अब मायने नहीं।

3. आज फिर एक अपूर्व माया की व्यथा जागृत हुई
कोई तो है जिसके खातिर ह्रदय की स्पंदन गति तीव्र हुई,
विरह की पूर्व व्यथा कुछ मलिन सी लगी आज
कुछ तो है जिसकी स्मृति मष्तिष्क में प्रस्फुटित हुई आज।

4. केवल मुख पृष्ठ के दीदार गुलाब पंखुड़ी सा अनुभव देंगे,
वास्तविकता को स्पर्श करने उन काटों को भी सहना होगा

5. हर कोई एक मकसद से जुड़ा है आपसे
उद्देश्य का अंत, लगाव का अंतिम अंतिम क्षण होगा उनसे
दोष उस ह्रदय को क्यों दें जो तुम्हे देख धड़क उठा
दोष उस भाग्य का क्या जिसमे तुम लिखी थी
अंत में केवल एक मष्तिष्क ने साथ निभाया
बनावटी था यह बंधन, चलो किसी ने तो भान कराया
2. प्रेम: काया और ह्रदय छाया का खेल नहीं
मष्तिष्क के भी परीक्षा का समय है,
अनुत्तीर्ण हुआ जो डूबना उसे लिखित है
उत्तीर्ण जो हुआ उसे प्रेम के अब मायने नहीं।
3. आज फिर एक अपूर्व माया की व्यथा जागृत हुई
कोई तो है जिसके खातिर ह्रदय की स्पंदन गति तीव्र हुई,
विरह की पूर्व व्यथा कुछ मलिन सी लगी आज
कुछ तो है जिसकी स्मृति मष्तिष्क में प्रस्फुटित हुई आज।
4. केवल मुख पृष्ठ के दीदार गुलाब पंखुड़ी सा अनुभव देंगे,
वास्तविकता को स्पर्श करने उन काटों को भी सहना होगा
5. हर कोई एक मकसद से जुड़ा है आपसे
उद्देश्य का अंत, लगाव का अंतिम अंतिम क्षण होगा उनसे
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